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Saturday, July 3, 2010

तुम्हारी याद के बादल

अरे देखो तो
इन पर्वतों के कन्धों पर
लदे है ये
शरारती बच्चों क़ि तरह
शरारत करते हुए
खेलते उमड़ते घुमड़ते बादल|

ठीक वैसे ही
जैसे क़ि मेरे  दिमाग पर
मेरी याददाश्त पर लदे हों
बरस जाने को
एक दम आतुर
तुम्हारी याद के बादल...!!